नई दिल्ली, 13 अप्रैल।
निवेश के नाम पर 45.90 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को केरल के कोंडोट्टी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान कलंगोट्टिल, वलियापरंबा जिला मलप्पुरम निवासी जमशीद के (33) के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की रकम में से करीब 10 लाख रुपये आरोपी के बैंक खाते में ट्रेस किए गए थे, जिसे बाद में विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर दिया गया। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह से जुड़ा हुआ है, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को ऑनलाइन निवेश का झांसा देकर बड़ी रकम ठगना था।
गिरोह के सदस्य बैंक खातों को किराए पर लेकर ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में घुमाते थे ताकि जांच एजेंसियों से बचा जा सके। क्राइम ब्रांच के अनुसार यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से साइबर ठगी को अंजाम देता था।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार यह मामला ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी से जुड़ा है, जिसमें शिकायतकर्ता संदीप कुमार को फेसबुक के माध्यम से एक ट्रेडिंग लिंक भेजा गया था। इसके बाद उसे व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर “इंडियन निवेश” नामक एप डाउनलोड कराया गया और शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर निवेश के लिए प्रेरित किया गया।
झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने अलग-अलग आठ बैंक खातों में कुल 45.90 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में एप पर करीब 7 करोड़ रुपये का फर्जी लाभ दिखाया गया, लेकिन पैसे निकालने के प्रयास पर अतिरिक्त रकम की मांग की गई। मना करने पर उसका अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया और आरोपी फरार हो गए।
मामले में क्राइम ब्रांच थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई और बैंक खातों के विश्लेषण में सामने आया कि बड़ी राशि केरल स्थित एक एक्सिस बैंक खाते में गई थी, जो जेएफएस ट्रेडर्स के नाम पर था।
समन्वय पोर्टल की जांच में इस खाते से जुड़ी 21 से अधिक साइबर ठगी की शिकायतें भी मिलीं, जिसके बाद टीम को केरल भेजा गया और तकनीकी व मैन्युअल निगरानी के आधार पर पांच अप्रैल 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी से अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क के और बड़े खुलासे की संभावना है तथा अन्य आरोपियों की तलाश अभी जारी है।




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