अयोध्या, 13 अप्रैल
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर सहित परिसर के समस्त मंदिरों और मंडपों में सोमवार से श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। दर्शन व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए निर्धारित संख्या में ही श्रद्धालुओं को प्रवेश की अनुमति दी जा रही है तथा इसके लिए ऑनलाइन पास की व्यवस्था लागू की गई है।
मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए बनाए गए नियमों के अनुसार कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं, ताकि दर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा उत्पन्न न हो। इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्व में ही पूर्ण कर ली गई थीं और प्रणाली को व्यवस्थित ढंग से लागू किया गया है।

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में निर्मित कुल 18 मंदिरों के दर्शन प्रारंभिक तीन माह के परीक्षण के रूप में कराए जा रहे हैं। व्यवस्था से जुड़े प्रतिनिधि के अनुसार प्रतिदिन लगभग 1500 श्रद्धालुओं को ऑनलाइन पास के माध्यम से दर्शन की सुविधा दी जा रही है।
इनमें सुगम, विशिष्ट और सामान्य दर्शन के लिए समान रूप से पास निर्धारित किए गए हैं और प्रत्येक श्रेणी में 500-500 पास जारी किए जा रहे हैं। पास की बुकिंग पहले आओ पहले पाओ के आधार पर की जा रही है, जिसके तहत श्रद्धालु निर्धारित प्रक्रिया से प्रवेश कर दर्शन कर रहे हैं।

दर्शन व्यवस्था के तहत श्रद्धालु सामान्य मार्ग से प्रवेश कर रामलला के दर्शन प्राप्त कर रहे हैं। इसके पश्चात दक्षिणी सीढ़ियों के माध्यम से राम परिवार के दर्शन कराए जा रहे हैं। आगे की व्यवस्था में परकोटा मार्ग से शेषावतार मंदिर, सप्त मंडपम और कुबेर नवरत्न टीला के दर्शन की सुविधा भी शामिल है।
नियमों के अनुसार एक परिवार के अधिकतम पांच सदस्य ही पास प्राप्त कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के दौरान फोटो अनिवार्य किया गया है तथा सभी श्रद्धालुओं को अपना आधार कार्ड साथ रखना आवश्यक होगा। इसके अतिरिक्त पास दो-दो घंटे के समय स्लॉट में जारी किए जा रहे हैं।





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