कांकेर, 13 अप्रैल 2026।
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सोमवार सुबह छोटेबेठिया क्षेत्र के जंगलों में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में पांच लाख रुपये की इनामी प्रतापपुर एरिया कमेटी की सक्रिय महिला नक्सली ‘रूपी’ ढेर हो गई।
घटना स्थल से पुलिस ने मारी गई नक्सली का शव बरामद कर लिया है, जबकि मौके से एक रिवाल्वर भी जब्त की गई है।
सुरक्षा बलों को छोटेबेठिया क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था। जंगल में घेराबंदी के दौरान नक्सलियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने भी कार्रवाई की और इस मुठभेड़ में महिला नक्सली ‘रूपी’ मारी गई।
यह घटना उस समय सामने आई है जब सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को सशस्त्र माओवादियों से मुक्त घोषित किए हुए मात्र 12 दिन ही बीते हैं।
कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि नक्सलियों को कई बार आत्मसमर्पण का अवसर दिया गया था। मुठभेड़ के बाद क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इलाके में अन्य नक्सलियों की मौजूदगी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, जिन्हें पकड़ने या निष्क्रिय करने के लिए अभियान लगातार जारी है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग हिंसा का मार्ग नहीं छोड़ेंगे, उनके खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मारी गई नक्सली की पहचान रतापुर एरिया कमेटी की सक्रिय सदस्य रूपी रेड्डी के रूप में हुई है, जो लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर थी। बस्तर क्षेत्र में बड़े कैडर के अधिकांश नक्सलियों के मारे जाने या आत्मसमर्पण के बाद वह प्रमुख सक्रिय कैडरों में से एक मानी जा रही थी।
सूत्रों के अनुसार, वह स्टेट कमेटी मेंबर विजय रेड्डी की पत्नी थी, जो राजनांदगांव और मोहला-मानपुर-चौकी जिले में हुई मुठभेड़ में मारा गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विजय रेड्डी की पत्नी रूपी उत्तर बस्तर कांकेर में नक्सलियों को आत्मसमर्पण से रोकने में सक्रिय भूमिका निभा रही थी।
उल्लेखनीय है कि पुलिस और प्रशासन द्वारा लंबे समय से नक्सलियों को आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। सरकार द्वारा 31 मार्च तक आत्मसमर्पण का विशेष अवसर भी दिया गया था, लेकिन रूपी सहित कई सक्रिय नक्सलियों ने इस अपील को नजरअंदाज कर दिया।




.jpg)
_(1).jpg)

.jpg)





