लखनऊ, 13 अप्रैल।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में जनता से सीधे संवाद किया और प्रत्येक शिकायतकर्ता से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने एक बार फिर यह संदेश दिया कि प्रदेश की 25 करोड़ जनता उनके लिए एक परिवार के समान है। मुख्यमंत्री ने प्राप्त सभी शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों को त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में कई मामलों में पारिवारिक विवाद से जुड़ी शिकायतें सामने आईं, जिस पर मुख्यमंत्री ने लोगों को समझाइश दी। उन्होंने कहा कि परिवार समाज की सबसे बड़ी संपत्ति है और आपसी समझ व बातचीत से अधिकतर विवादों का समाधान संभव है। उन्होंने सलाह दी कि घरेलू मामलों को पहले परिवार के भीतर ही मिल-बैठकर सुलझाने का प्रयास किया जाना चाहिए, जिससे संबंधों में मजबूती बनी रहती है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार के पारिवारिक विवाद में पुलिस या प्रशासन की मदद लेना अंतिम विकल्प होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि छोटी-छोटी बातों पर परिवार को टूटने नहीं देना चाहिए और आपसी सम्मान बनाए रखते हुए समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की समस्याओं के निस्तारण में पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता बरती जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लापरवाही या शिथिलता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी और हर शिकायत का समाधान गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अवैध कब्जों और कमजोर वर्गों के शोषण पर सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय न हो और अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


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