नोएडा, 13 अप्रैल।
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) में कुल सचिव विश्वास त्रिपाठी की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह कार्रवाई न्यूनतम निर्धारित शैक्षणिक एवं प्रशासनिक योग्यता पूरी न करने और नियुक्ति प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के बाद की है।
प्रभारी कुलसचिव प्रो. चंद्र कुमार सिंह के अनुसार, संबंधित पद के लिए आवश्यक योग्यता के बिना आवेदन प्रस्तुत किया गया था। दस्तावेज सत्यापन समिति की जांच में यह तथ्य सामने आया कि अनुभव संबंधी जानकारी को अधूरा और भ्रमित करने वाले तरीके से प्रस्तुत किया गया। इसके बाद विश्वविद्यालय के प्रबंधन बोर्ड ने अभिलेखों की समीक्षा और पक्ष सुनवाई के बाद नियुक्ति को नियमों के विपरीत मानते हुए सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया।
वहीं, डॉ. विश्वास त्रिपाठी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वे पद की सभी आवश्यक योग्यताओं को पूरा करते हैं। उन्होंने दावा किया कि यह कार्रवाई उनके द्वारा उच्च न्यायालय में दायर अवमानना याचिका के कारण बदले की भावना से की गई है। उन्होंने इस फैसले को चुनौती देने की बात कही है और उच्च न्यायालय में आपत्ति दर्ज कराने की तैयारी की है। साथ ही उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज वित्तीय अनियमितताओं के मामलों को भी साजिशपूर्ण बताया है।
इसी बीच विश्वविद्यालय में फीस से जुड़े कथित घोटाले को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। शिकायतों में कहा गया है कि कुछ मामलों में छात्रों से नकद राशि लेकर फर्जी रसीदें जारी की गईं और यह पैसा विश्वविद्यालय खातों में जमा नहीं किया गया।
शिकायतों के बाद प्रॉक्टर बोर्ड ने जांच शुरू की, जिसके आधार पर कुछ छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई, जबकि बाहरी व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई की गई। कई छात्रों ने आरोप लगाया है कि बड़ी संख्या में विद्यार्थी इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं।


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