कटनी, 13 अप्रैल।
कटनी रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात पटना–पुणे एक्सप्रेस ट्रेन से संदिग्ध परिस्थितियों में ले जाए जा रहे 165 बच्चों को रेस्क्यू किया गया। सूचना मिलने के बाद रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी, महिला एवं बाल विकास विभाग और बाल संरक्षण इकाई की संयुक्त टीम ने ट्रेन को घेरकर सभी बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारा।
जानकारी के अनुसार ये सभी बच्चे बिहार के अररिया से महाराष्ट्र की ओर ले जाए जा रहे थे। रेस्क्यू के बाद इनमें से 84 बच्चों को दो बसों के माध्यम से जबलपुर बाल गृह भेजा गया, जबकि 81 बच्चों को कटनी बाल गृह में रखा गया है। सभी बच्चों के लिए भोजन, स्वास्थ्य जांच और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था प्रशासन द्वारा की जा रही है।
मामले की जानकारी एक सामाजिक संगठन से मिली थी, जिसके बाद संबंधित विभागों ने तुरंत कार्रवाई की। जैसे ही ट्रेन कटनी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर पहुंची, टीम ने कोचों की घेराबंदी कर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला और उनकी काउंसलिंग की गई।
आरपीएफ के अनुसार ट्रेन के एस-1, एस-2, एस-3, एस-4 और एस-7 कोच से बच्चों को उतारा गया। शुरुआती पूछताछ में अधिकांश बच्चों के बिहार निवासी होने की पुष्टि हुई है।
बताया गया कि सद्दाम नामक व्यक्ति ने दावा किया कि वह बच्चों को लातूर स्थित मदरसे में शिक्षा के लिए ले जा रहा था। उसके अनुसार वह पिछले कई वर्षों से यह कार्य कर रहा है। हालांकि जांच में बच्चों के पास वैध यात्रा दस्तावेज और टिकट नहीं पाए गए, जिससे मामला संदिग्ध हो गया।
बाल संरक्षण अधिकारियों के अनुसार बच्चों को मजदूरी या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में लगाए जाने की आशंका जताई गई है। इसी आधार पर पुलिस ने सद्दाम हुसैन, अमानुल्लाह सहित आठ लोगों को गिरफ्तार कर बच्चों की तस्करी के आरोप में मामला दर्ज किया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।


.jpg)

.jpg)
_(1).jpg)

.jpg)





