नई दिल्ली, 13 अप्रैल।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा है कि महिला आरक्षण कानून लागू होने से देश के राष्ट्र निर्माण को नई दिशा प्राप्त होगी और इससे महिला सशक्तीकरण के साथ लोकतांत्रिक व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
विज्ञान भवन में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत करते हुए इस कानून को ऐतिहासिक और युग परिवर्तन लाने वाला कदम बताया।
उन्होंने कहा कि यह कानून वर्षों से चल रहे मातृशक्ति के संघर्ष का परिणाम है, जो महिलाओं को न केवल राजनीतिक भागीदारी में मजबूत स्थान देगा बल्कि निर्णय प्रक्रिया में भी उनकी भूमिका को और सशक्त बनाएगा।
अन्नपूर्णा देवी ने यह भी कहा कि देश अब महिलाओं के विकास की अवधारणा से आगे बढ़कर महिलाओं के माध्यम से विकास की दिशा में अग्रसर हो रहा है।
उन्होंने पिछले ग्यारह वर्षों में सरकार द्वारा लागू की गई विभिन्न योजनाओं जैसे ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन और मुद्रा योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उन्हें नेतृत्व की भूमिका में भी स्थापित किया है।
उन्होंने आगे कहा कि विज्ञान, तकनीक और गणित जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, महिला पायलटों की संख्या में वृद्धि, स्टार्टअप क्षेत्र में महिला नेतृत्व और पंचायत स्तर पर लाखों महिला प्रतिनिधियों की सक्रियता बदलते भारत की तस्वीर प्रस्तुत कर रही है, जहां महिलाएं अब परिवार के साथ-साथ देश की दिशा तय करने में भी अहम भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण कानून के माध्यम से महिलाओं की संसद और विधानसभाओं तक पहुंच और अधिक सशक्त होगी, जिससे लोकतंत्र और मजबूत होगा।
अन्नपूर्णा देवी ने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में नारी शक्ति की भूमिका को निर्णायक बताते हुए सभी महिलाओं से इस परिवर्तन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर, महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर सहित विभिन्न क्षेत्रों की अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं।




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