नमानगन, 13 अप्रैल 2026
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘डस्टलिक’ का सातवां संस्करण इस समय उज्बेकिस्तान के नमानगन स्थित गुरुमसराय फील्ड ट्रेनिंग क्षेत्र में चल रहा है, जो 14 दिनों तक आयोजित किया जाएगा और 12 से 25 अप्रैल तक जारी रहेगा।
यह वार्षिक सैन्य अभ्यास दोनों देशों में बारी-बारी से आयोजित किया जाता है, जिसका पिछला संस्करण अप्रैल 2025 में पुणे के औंध क्षेत्र में हुआ था, जबकि इस बार इसका आयोजन उज्बेकिस्तान में किया जा रहा है।
भारतीय दल में कुल 60 सैनिक शामिल हैं, जिनमें 45 भारतीय सेना के जवान और 15 भारतीय वायुसेना के कर्मी हैं, जिनमें मुख्य रूप से महार रेजिमेंट की एक बटालियन के जवान शामिल हैं।
उज्बेकिस्तान की ओर से भी लगभग 60 सैनिक इस अभ्यास में भाग ले रहे हैं, जो उसकी सेना और वायुसेना दोनों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को मजबूत करना और अर्ध-पर्वतीय क्षेत्रों में संयुक्त अभियानों को संचालित करने की क्षमता को बेहतर बनाना है, जिसमें शारीरिक फिटनेस, संयुक्त योजना, सामरिक अभ्यास और विशेष हथियार कौशल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण गतिविधियों में भूमि मार्गदर्शन, नकली दुश्मन ठिकानों पर हमले और शत्रु-नियंत्रित क्षेत्रों को सुरक्षित करने जैसे ऑपरेशन शामिल हैं, जबकि अंतिम चरण में 48 घंटे का एक मूल्यांकन अभ्यास भी होगा, जिसमें संयुक्त परिचालन क्षमता का परीक्षण किया जाएगा।
इस अभ्यास का लक्ष्य विशेष रूप से अवैध सशस्त्र समूहों को निष्क्रिय करने की क्षमता को परखना भी है, ताकि वास्तविक परिस्थितियों में बेहतर प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
अधिकारियों के अनुसार यह संयुक्त अभ्यास दोनों देशों को अपनी रणनीतियों, तकनीकों और प्रक्रियाओं को साझा करने का अवसर प्रदान करेगा, जिससे अंतर-संचालन क्षमता और समन्वय में सुधार होगा।
इसके साथ ही यह अभ्यास दोनों देशों के सैनिकों के बीच आपसी सौहार्द बढ़ाने और भारत-उज्बेकिस्तान के रक्षा संबंधों तथा द्विपक्षीय सहयोग को और अधिक मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।




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