कोलकाता, 30 मार्च।
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान भारी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने का मामला सामने आया है, जिसमें करीब 18 लाख नाम हटाए जा चुके हैं और लगभग 20 लाख नाम अब भी विचाराधीन हैं।
राज्य में पहली अतिरिक्त सूची से लेकर अब तक कुल पांच सूचियां जारी की जा चुकी हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, रविवार रात तक 60 लाख विचाराधीन मतदाताओं में से 42 लाख मामलों का निपटारा कर लिया गया है। चौथी अतिरिक्त सूची में करीब दो लाख नए मतदाता शामिल किए गए हैं।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि नामांकन की अंतिम तिथि 6 अप्रैल से पहले सभी विचाराधीन मामलों का निपटारा कर लिया जाएगा। आयोग के आंकड़ों के मुताबिक प्रारूप सूची और अंतिम सूची मिलाकर अब तक कुल 63 लाख 66 हजार 952 मतदाताओं के नाम हटाए जा चुके हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यह कार्य न्यायाधीशों की निगरानी में किया जा रहा है। 705 न्यायाधीशों की देखरेख में विचाराधीन मतदाताओं के मामलों का निपटारा किया जा रहा है। अन्य राज्यों से भी न्यायिक अधिकारियों को बुलाकर प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से संपन्न कराया जा रहा है।
28 फरवरी को जारी अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, उस समय 60 लाख 6 हजार 675 मतदाता विचाराधीन थे। प्रारूप सूची में 58 लाख 20 हजार 899 नाम हटाए गए थे, जिसके बाद सूची में कुल सात करोड़ आठ लाख 16 हजार 630 मतदाता बचे। इसके बाद 28 फरवरी तक और 5 लाख 46 हजार 53 नाम हटाए जाने से कुल हटाए गए नामों की संख्या 63 लाख 66 हजार 952 हो गई।
राज्य में मतदाता सूची में हुए संशोधन और हटाए गए नामों की प्रक्रिया का लक्ष्य चुनाव के समय साफ और विश्वसनीय मतदाता सूची सुनिश्चित करना है।












