भोपाल, 27 अप्रैल
मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन कार्य तेजी से जारी है और अब तक 4 लाख 20 हजार 277 किसानों से कुल 17 लाख 82 हजार 984 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। किसानों को इस खरीदी के एवज में 2546.92 करोड़ रुपये के भुगतान के लिए ईपीओ जारी किए गए हैं।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले वर्ष लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था, जबकि इस वर्ष सरकार ने किसानों के हित में 100 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य तय किया है, भले ही परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण रही हों।
उन्होंने बताया कि सभी जिलों में छोटे, सीमांत, मध्यम और बड़े किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था लागू की गई है। अब तक दो दिनों में ही 1 लाख 36 हजार मध्यम और बड़े किसानों ने स्लॉट बुक कर लिया है। वहीं कुल मिलाकर 9.23 लाख किसानों द्वारा 52.53 लाख मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय के लिए स्लॉट बुक किए जा चुके हैं। स्लॉट बुकिंग की अवधि 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई 2026 कर दी गई है और प्रत्येक शनिवार को भी यह सुविधा जारी रहेगी।
मंत्री के अनुसार उपार्जन केंद्रों की क्षमता बढ़ाकर प्रति केंद्र प्रतिदिन 1000 क्विंटल से 2250 क्विंटल कर दी गई है ताकि अधिक किसानों से उपज खरीदी जा सके। तौल कांटों की संख्या भी 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है।
किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए उन्हें किसी भी उपार्जन केंद्र पर गेहूं बेचने की सुविधा दी गई है। साथ ही केंद्रों पर पेयजल, छायादार स्थान और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
सरकार ने तौल व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए बारदाने, हम्माल, तुलावटी, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और सफाई के साधनों की भी पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की है। सभी केंद्रों की सुविधाओं की जानकारी भारत सरकार के पोर्टल पर अपलोड की जा रही है।
गेहूं की खरीद 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये बोनस सहित कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था कर दी गई है तथा भंडारण के लिए भी पूरी तैयारी की गई है ताकि उपार्जित गेहूं सुरक्षित रखा जा सके।













