भोपाल, 03 नवंबर।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवा पुलिस अधिकारियों से कहा कि सोशल मीडिया पर रील बनाने के बजाय जनसमस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दें। इसका उपयोग आम नागरिकों की सहायता के लिए करें और गरीबों, महिलाओं व बच्चों के लिए संवेदनशीलता से काम करते हुए समाज का विश्वास अर्जित करें।
मुख्यमंत्री मंगलवार को भौंरी स्थित मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी में 44वें और 45वें बैच के उप पुलिस अधीक्षकों के दीक्षांत परेड समारोह में शामिल हुए। प्रशिक्षण पूरा करने वाले 48 अधिकारियों ने शपथ लेकर अनुशासित मार्च किया। इनमें 20 महिला अधिकारी और 22 इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि के अधिकारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कृत किया।
डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश पुलिस ने दस्यु समस्या और नक्सलवाद के विरुद्ध उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। अब अपराध की बदलती चुनौतियों, विशेषकर सायबर अपराध और नशे के खिलाफ आधुनिक तकनीक से मुकाबला करना होगा। प्रदेश को 2029 तक नशामुक्त बनाने के अभियान में पुलिस की अहम भूमिका रहेगी।
उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में पुलिस विभाग में 17,710 पदों पर भर्ती हुई है और कुल 22,500 पद भरने का लक्ष्य है। नक्सल विरोधी अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 60 से अधिक पुलिसकर्मियों को विशेष पदोन्नति दी गई है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस अकादमी में 12 करोड़ रुपये से सभागार, विद्युत उपकेंद्र और एक किलोमीटर सड़क बनाने की घोषणा की। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी ताकत जनता का विश्वास है, जिसे निष्पक्षता, संवेदनशीलता और न्यायपूर्ण कार्रवाई से कायम रखना चाहिए।















