मैहर, 16 मई।
मध्य प्रदेश के नवगठित मैहर जिले में प्रस्तावित 300 बिस्तरों वाले जिला अस्पताल की महत्वाकांक्षी परियोजना तकनीकी और भूमि संबंधी बाधाओं के कारण संकट में फंसती दिखाई दे रही है। चयनित जमीन मृदा परीक्षण में अनुपयुक्त पाए जाने के बाद निर्माण कार्य पर अनिश्चितता की स्थिति बन गई है।
जानकारी के अनुसार गोलामठ के पीछे न्यू अरकंडी क्षेत्र में लगभग 18 एकड़ भूमि को इस अस्पताल के लिए चिन्हित किया गया था, जिस पर करीब 150 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है। हाल ही में भोपाल से आई विशेषज्ञ टीम द्वारा किए गए सॉइल टेस्ट में यह भूमि बड़े निर्माण कार्य के लिए उपयुक्त नहीं पाई गई।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक लंबे समय से इस क्षेत्र में कचरा डम्पिंग होने के कारण मिट्टी की गुणवत्ता गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। ठोस कचरे और अपशिष्ट के जमाव के चलते भूमि निर्माण मानकों पर खरी नहीं उतर सकी, जिससे परियोजना की गति प्रभावित हुई है।
क्षेत्रीय विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने अपने विकास विजन “सपनों का मैहर” में इस आधुनिक जिला अस्पताल को प्रमुख योजना के रूप में शामिल किया था, जिसे जिले के साथ आसपास के क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का बड़ा आधार माना जा रहा था।
बताया जा रहा है कि नगर प्रशासन अब तक वैकल्पिक डम्पिंग यार्ड की स्थायी व्यवस्था विकसित नहीं कर सका है और पुराने डम्पिंग क्षेत्र को भी पूरी तरह खाली नहीं कराया जा सका है, जिससे यह समस्या और गहरा गई है।
फिलहाल प्रशासन के सामने दो विकल्प मौजूद हैं, या तो नई भूमि का चयन किया जाए या फिर मौजूदा जमीन को तकनीकी प्रक्रिया के माध्यम से निर्माण योग्य बनाया जाए, जिस पर अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।










