जौनपुर, 30 मार्च।
उत्तर प्रदेश के जौनपुर में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराईगुट) ने सोमवार को जिलाधिकारी से मुलाकात कर बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन केंद्रों में परीक्षकों के लिए निर्धारित जलपान राशि में अनियमितताओं का गंभीर आरोप लगाया। संघ ने करीब 12 लाख रुपये की राशि हड़पने की आशंका जताते हुए जांच कराने और धनराशि सीधे शिक्षकों के खातों में भेजने की मांग की।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश सिह ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि 18 मार्च से जिले के पांच मूल्यांकन केंद्रों पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य चल रहा है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के निर्देशानुसार प्रत्येक परीक्षक को प्रतिदिन 25 रुपये जलपान के लिए दिए जाने का प्रावधान है।
शिक्षक संघ का आरोप है कि किसी भी केंद्र पर उपनियंत्रकों द्वारा जलपान की व्यवस्था नहीं की गई और न ही शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया गया। जौनपुर में लगभग 4000 परीक्षक इस कार्य में शामिल थे। संघ के अनुसार, यदि 4000 परीक्षकों को 12 दिनों तक प्रतिदिन 25 रुपये के हिसाब से भुगतान किया जाता, तो कुल राशि लगभग 12 लाख रुपये बनती है।
संघ ने जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जलपान मद की राशि सीधे शिक्षकों के बैंक खातों में उनके पारिश्रमिक के साथ हस्तांतरित की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाने की भी मांग की गई है।












