भोपाल, 01 अप्रैल 2026।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 2022 भर्ती प्रक्रिया के चयनित माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षक, विशेष रूप से खेल, गायन, वादन और नृत्य विषय के अभ्यर्थी, अपनी नियुक्ति में लगातार हो रही देरी के विरोध में सड़कों पर उतर आए। इस बार यह उनका पांचवां प्रदर्शन है, जिसमें उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया।
अभ्यर्थियों का कहना है कि 25 सितंबर को परिणाम जारी होने और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद अब तक नियुक्ति नहीं दी गई है। लगभग आठ महीने बीत जाने के बाद भी विभाग ने कोई स्पष्ट जॉइनिंग शेड्यूल जारी नहीं किया है। वहीं, नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन चयनित शिक्षकों के स्थान पर गेस्ट फैकल्टी की भर्ती की जा रही है, जिससे नाराजगी बढ़ गई है।
नर्मदापुरम की अभ्यर्थी ज्योति बाम ने कहा कि “हमने दो-दो परीक्षाएं पास कीं, फिर भी नौकरी नहीं मिली। लगातार दस्तावेज सत्यापन और जॉइनिंग डेट के सवाल पर अपमानजनक जवाब मिलता है। अब मानसिक और आर्थिक तौर पर टूट चुके हैं।” वहीं, सीहोर की अनीता सिंह ने बताया कि “मेरिट में नाम आने के बाद भी हालात ऐसे हैं कि परिवार और समाज को जवाब देना मुश्किल हो गया है।”
अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया की लंबी अवधि को उजागर किया। 2021-22 में प्री परीक्षा का नोटिफिकेशन आया, 2022-23 में प्री परीक्षा आयोजित हुई, 2023-24 में परिणाम घोषित हुआ, 2024-25 में मुख्य परीक्षा संपन्न हुई और 2025-26 में अंतिम परिणाम एवं दस्तावेज सत्यापन पूरी हुई। नियमों के अनुसार रिजल्ट के तीन महीने के भीतर नियुक्ति दी जानी चाहिए थी, लेकिन अब तक लंबित है। इस लंबी प्रतीक्षा के कारण कई अभ्यर्थी आर्थिक कठिनाइयों और मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं, जबकि कुछ अवसाद जैसी स्थितियों में हैं।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार और शिक्षा विभाग से तुरंत जॉइनिंग प्रक्रिया पूरी कर स्कूलों में नियुक्ति देने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।












