14 अप्रैल |
लेबनान में चल रहे टकराव को लेकर यूरोप के कई देशों और ऑस्ट्रेलिया ने मिलकर संघर्ष विराम की जरूरत पर जोर दिया है। यह अपील ऐसे समय सामने आई है, जब इजराइल और लेबनान के बीच संभावित बातचीत की दिशा में तैयारियां जारी हैं।
संयुक्त वक्तव्य में सभी पक्षों से संयम बनाए रखने और हालात को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया गया। देशों ने स्पष्ट किया कि वर्तमान परिस्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है और इसे शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का यह एक अहम अवसर है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
यूरोपीय देशों ने चेताया कि यदि संघर्ष जारी रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है, जिससे आम लोगों को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। उन्होंने संवाद को ही सबसे कारगर उपाय बताते हुए दोनों पक्षों से सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की।
बयान में हिज्बुल्लाह और इजराइल की ओर से हो रहे हमलों की आलोचना की गई है। साथ ही संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों पर किए गए हमलों को भी अस्वीकार्य बताया गया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर की गई यह पहल क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों पक्ष इस अपील को किस हद तक अपनाएंगे।
फिलहाल दुनिया की निगाहें संभावित वार्ता पर टिकी हुई हैं, जिससे उम्मीद की जा रही है कि लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद का कोई ठोस समाधान सामने आ सके।









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