अमेरिका, 14 अप्रैल।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने चंद्रमा पर मानव वापसी के उद्देश्य से चल रहे आर्टेमिस कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। आर्टेमिस-2 मिशन की सफल समाप्ति के बाद अब एजेंसी का पूरा ध्यान आर्टेमिस-3 और आर्टेमिस-4 की तैयारियों पर केंद्रित है, जिनका लक्ष्य चंद्र सतह पर मानव मिशन को आगे बढ़ाना है।
नासा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि आर्टेमिस-2 क्रू की सुरक्षित वापसी के बाद अगला चरण आर्टेमिस-3 होगा। एजेंसी के अनुसार, इस मिशन ने मानव अंतरिक्ष अन्वेषण को उस स्तर तक पहुंचाया है, जहां पिछले कई दशकों में नहीं पहुंचा गया था और इसने नई पीढ़ी को अंतरिक्ष अभियान की दिशा दिखाई है। नासा ने यह भी बताया कि अब हर वर्ष एक आर्टेमिस मिशन भेजने की योजना पर काम चल रहा है, जिसमें 2027 में आर्टेमिस-3 और 2028 में आर्टेमिस-4 शामिल है।
योजना के तहत आर्टेमिस-3 मिशन को पृथ्वी की निचली कक्षा में एक महत्वपूर्ण परीक्षण के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें स्पेसएक्स और ब्लू ओरिजिन द्वारा विकसित चंद्र लैंडरों की क्षमता और प्रदर्शन का परीक्षण किया जाएगा। एसएलएस रॉकेट से ओरियन अंतरिक्ष यान चालक दल को कक्षा में पहुंचाएगा, जहां ओरियन और लैंडर के बीच मिलन और डॉकिंग प्रक्रिया का अभ्यास किया जाएगा। यह परीक्षण भविष्य में सुरक्षित चंद्र लैंडिंग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसके बाद आर्टेमिस-4 मिशन को 2028 की शुरुआत में चंद्रमा पर मानव लैंडिंग मिशन के रूप में भेजने की तैयारी है। इस दौरान चालक दल ओरियन से चंद्र लैंडर में स्थानांतरित होकर चंद्र सतह पर उतरेगा और मिशन पूरा होने के बाद वापस लौटकर प्रशांत महासागर में सुरक्षित स्प्लैशडाउन करेगा।
नासा एसएलएस रॉकेट और ओरियन अंतरिक्ष यान की क्षमताओं को और मजबूत करने की दिशा में भी काम कर रहा है। आर्टेमिस-4 के बाद आर्टेमिस-5 मिशन में चंद्रमा पर स्थायी बेस स्थापित करने की प्रारंभिक योजना पर विचार किया जा सकता है। एजेंसी का लक्ष्य है कि 2028 के बाद चंद्र मिशनों को नियमित रूप से संचालित किया जाए।


.jpg)



.jpg)




.jpg)
