नई दिल्ली, 10 अप्रैल।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गगनयान मिशन से जुड़े दूसरे इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-02) के सफल समापन पर इसरो को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इसे भारत के पहले मानव अंतरिक्ष अभियान की तैयारी में एक अहम पड़ाव बताया है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने यह परीक्षण श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर में सफलतापूर्वक पूरा किया। डॉ. सिंह ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह उपलब्धि गगनयान मिशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति है।`
भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ वर्ष 2027 में प्रक्षेपित करने की योजना है। सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए लगभग 10,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।
इसरो प्रमुख वी. नारायणन के अनुसार, मिशन से पहले बिना चालक वाले (अनक्रूड) कई परीक्षण मिशन तेजी से आगे बढ़ाए जा रहे हैं और मुख्य मानव उड़ान से पहले तीन अनक्रूड मिशन भेजे जाएंगे।
इसी क्रम में 4 अप्रैल को चयनित चार अंतरिक्ष यात्रियों ने लद्दाख में ‘मिशन मित्रा’ के तहत उच्च ऊंचाई वाले परीक्षण शुरू किए, जिसका उद्देश्य कठिन परिस्थितियों में मानव क्षमता का मूल्यांकन करना है।
इस मिशन में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और पी. बालकृष्णन नायर सहित अन्य अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं। यह पूरा कार्यक्रम वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और चिकित्सा विशेषज्ञों की संयुक्त टीम की देखरेख में संचालित हो रहा है।
गगनयान मिशन को भारत की अंतरिक्ष यात्रा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जो देश को मानव अंतरिक्ष उड़ान के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा।





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