भोपाल, 13 अप्रैल।
प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने और पशुपालकों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने ‘गोरस मोबाइल ऐप’ तैयार किया है। इस पहल के जरिए पशुओं के संतुलित आहार प्रबंधन की जानकारी अब पशुपालकों को आसानी से मोबाइल पर उपलब्ध होगी, जिससे उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि की उम्मीद है।
विभाग के अनुसार प्रदेश में बड़ी संख्या में गाय और भैंसों का पालन किया जाता है, लेकिन अभी भी अधिकांश पशुपालक पारंपरिक पद्धतियों का उपयोग कर रहे हैं। वैज्ञानिक पोषण के अभाव में दूध उत्पादन प्रभावित होता है और गर्भधारण में कठिनाई तथा बार-बार हीट में आने जैसी समस्याएं सामने आती हैं।
इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए इस ऐप में पशुपालक अपने पशु की नस्ल, वजन, दुग्ध उत्पादन, गर्भावस्था की स्थिति और आहार से जुड़ी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसके आधार पर ऐप संतुलित आहार की सही मात्रा और प्रकार सुझाएगा, साथ ही संभावित आर्थिक लाभ और वर्तमान आहार से होने वाले नुकसान की जानकारी भी देगा।
इस एप की विशेषता यह है कि यह पूरी तरह हिंदी भाषा में उपलब्ध है और बिना इंटरनेट के भी काम करने में सक्षम है। इसमें 28 से अधिक प्रकार के चारे की जानकारी, मौसम और गर्भावस्था के अनुसार आहार समायोजन तथा विभिन्न नस्लों के लिए अलग-अलग मार्गदर्शन दिया जाएगा।
इसके अलावा अवर्णित गाय-भैंसों के लिए नस्ल सुधार संबंधी सुझाव भी ऐप के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे पशुपालन को वैज्ञानिक आधार पर आगे बढ़ाया जा सके।
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह एप शीघ्र ही मोबाइल प्लेटफॉर्म पर नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे पशुपालक इसे आसानी से डाउनलोड कर उपयोग कर सकेंगे और अपने पशुधन के बेहतर प्रबंधन में मदद प्राप्त कर सकेंगे।







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