इंदौर, 13 अप्रैल।
मध्य प्रदेश में आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता और मानवीय संवेदनशीलता का प्रतीक बन चुकी डायल-112 सेवा ने इंदौर जिले में एक सराहनीय कार्य किया, जहां रविवार की मध्यरात्रि सुनसान मार्ग पर भटके एक 12 वर्षीय बालक को सुरक्षित रूप से उसके परिजनों से मिलाया गया।
पुलिस मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार 12 अप्रैल की रात इंदौर जिले के सांवेर थाना क्षेत्र अंतर्गत रिंगनोद चौराहे पर एक 12 वर्षीय बालक के अकेले घूमने की सूचना भोपाल स्थित राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही डायल-112 की एफआरव्ही टीम तत्काल मौके के लिए रवाना की गई।
मौके पर पहुंचकर डायल-112 स्टाफ आरक्षक पारस चौधरी और पायलट धर्मेंद्र पटेल ने बालक को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। प्रारंभिक पूछताछ में बालक अपने परिजनों की जानकारी देने में असमर्थ रहा, जिसके बाद जवानों ने अत्यंत धैर्य और संवेदनशीलता के साथ उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की।
इसके बाद टीम ने बालक को एफआरव्ही वाहन के माध्यम से आसपास के क्षेत्रों में ले जाकर परिजनों की तलाश और पूछताछ शुरू की, लेकिन तत्काल कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसके पश्चात बालक को थाने लाकर सोशल मीडिया और कंट्रोल रूम के माध्यम से परिजनों की खोज प्रारंभ की गई।
पुलिस टीम की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप कुछ ही समय में बालक के परिजनों तक सूचना पहुंच गई। परिजन थाने पहुंचे, जहां पहचान और सत्यापन के बाद बालक को सुरक्षित उनके सुपुर्द कर दिया गया। अपने बच्चे को सकुशल पाकर परिजनों ने डायल-112 टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।







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