भोपाल, 13 अप्रैल।
मध्य प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि पात्र परिवारों को उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से फेस रिकग्निशन तकनीक से राशन वितरण की योजना तैयार की गई है, जिसे दिसंबर 2026 तक पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा।
मंत्री ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि मार्च 2026 में 1 करोड़ 24 लाख 34 हजार परिवारों को 2 लाख 72 हजार मीट्रिक टन खाद्यान्न का वितरण पूरा किया जा चुका है, जबकि शेष परिवारों को 15 अप्रैल तक राशन उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत पात्र परिवारों को बायोमेट्रिक सत्यापन के आधार पर नियमित रूप से राशन दिया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि किसी भी सदस्य द्वारा उचित मूल्य दुकान पर पहुंचकर पीओएस मशीन के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद राशन प्राप्त किया जा सकता है। वृद्ध एवं दिव्यांग हितग्राहियों के बायोमेट्रिक सत्यापन विफल होने पर उनके आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजकर राशन उपलब्ध कराया जाता है। शारीरिक रूप से अक्षम ऐसे लगभग 44 हजार 671 परिवारों के लिए नामिनी के माध्यम से राशन प्राप्त करने की व्यवस्था की गई है।
मंत्री ने बताया कि वन नेशन वन राशन कार्ड व्यवस्था के तहत देश या प्रदेश की किसी भी उचित मूल्य दुकान से राशन लेने की सुविधा उपलब्ध है। मध्य प्रदेश के 36 हजार 486 परिवार अन्य राज्यों से तथा अन्य राज्यों के 7,252 परिवार मध्य प्रदेश से प्रति माह राशन प्राप्त कर रहे हैं।
अंतर जिला पोर्टेबिलिटी व्यवस्था के अंतर्गत 18 लाख 55 हजार 554 परिवार अन्य जिले या अन्य दुकान से राशन प्राप्त कर चुके हैं। इस प्रकार पात्र परिवारों को निर्धारित दुकान की बाध्यता से मुक्त रखते हुए नजदीकी या पसंदीदा दुकान से राशन लेने की सुविधा दी जा रही है, जिससे सभी हितग्राहियों को सुगमता से राशन वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है।







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