काठमांडू, 14 अप्रैल।
नेपाल सरकार ने विदेशों में बसे गैर-आवासीय नेपाली नागरिकों को विकास प्रक्रिया से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उन्हें विशेष प्राकृतिक निवेशक का दर्जा देने तथा बुनियादी ढांचा विकास और निर्यातमुखी उद्योगों में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिवर्ष एक लाख करोड़ रुपये का ‘डायस्पोरा बॉन्ड’ जारी करने का प्रस्ताव तैयार किया है।
राष्ट्रीय प्रतिबद्धता पत्र के मसौदे में यह प्रावधान शामिल किया गया है, जिसमें विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा है कि संवैधानिक और कानूनी व्यवस्था के तहत गैर-आवासीय नेपाली की नागरिकता की निरंतरता सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनके पैतृक संपत्ति अधिकार और मतदान अधिकार को भी सुरक्षित रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है।
मसौदे में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ‘एक बार का नेपाली, हमेशा का नेपाली’ की अवधारणा को सुदृढ़ करते हुए विदेशों में रह रहे नेपाली नागरिकों के ज्ञान, कौशल और अनुभव को ‘ब्रेन गेन’ के रूप में देश के विकास में उपयोग किया जाएगा।
साथ ही प्रस्ताव में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रवासी नेपाली समुदाय की पूंजी और विशेषज्ञता को आकर्षित कर अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल शहर, उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र, विशिष्ट स्वास्थ्य सेवाएं तथा सांस्कृतिक पर्यटन जैसे क्षेत्रों में परियोजनाओं का विस्तार किया जाएगा, जिन्हें फास्ट-ट्रैक मॉडल के तहत विकसित करने की योजना है।






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