आसनसोल, 21 अप्रैल।
विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए निगरानी व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। इसी क्रम में माइक्रो ऑब्जर्वरों को उनके दायित्वों के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
रवीन्द्र भवन सभागार में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों ने माइक्रो ऑब्जर्वरों को मतदान से जुड़े सभी महत्वपूर्ण कार्यों और जिम्मेदारियों की जानकारी दी। निर्देशों के अनुसार सभी ऑब्जर्वरों को मतदान से एक दिन पूर्व निर्धारित डिस्पैच सेंटर पर समय पर उपस्थित होना होगा और वहीं से मतदान दल के साथ अपने-अपने केंद्रों के लिए रवाना होना होगा।
अधिकारियों ने बताया कि मतदान समाप्त होने के बाद माइक्रो ऑब्जर्वरों को मतदान दल के साथ रिसीविंग सेंटर लौटना अनिवार्य रहेगा। वे सीधे सामान्य प्रेक्षक से संपर्क में रहेंगे और अपनी रिपोर्ट केवल उन्हीं को सौंपेंगे।
उन्हें मतदान शुरू होने से कम से कम एक घंटे पूर्व केंद्र पर पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें मॉक पोल, मतदान अभिकर्ताओं की उपस्थिति, अमिट स्याही, मतदाता रजिस्टर 17-ए सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच शामिल है।
प्रशिक्षण के दौरान 18 बिंदुओं वाले प्रपत्र संख्या 13 को सही ढंग से भरने की प्रक्रिया भी समझाई गई। साथ ही आपात स्थिति में संपर्क के लिए संबंधित अधिकारियों के फोन नंबर उपलब्ध कराए गए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि माइक्रो ऑब्जर्वर मतदान प्रक्रिया पर सतत निगरानी रखेंगे और किसी भी अनियमितता की स्थिति में तत्काल सेक्टर अधिकारी को सूचित करेंगे। मतदान केंद्रों पर कतार व्यवस्था, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मतदान प्रक्रिया शाम छह बजे तक चलेगी। निर्धारित समय के बाद कतार में मौजूद मतदाताओं को क्रमवार मतदान का अवसर दिया जाएगा, जबकि नए मतदाताओं को कतार में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी।
मतदान समाप्ति के बाद ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को सील कर सुरक्षित स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि माइक्रो ऑब्जर्वरों की सक्रिय भूमिका चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।



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