बेल्लारी, 31 मार्च।
भारतीय महिला कबड्डी टीम का राष्ट्रीय शिविर बेल्लारी के इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट में चल रहा है, जिसमें आगामी एशियन गेम्स 2026 के लिए संभावित खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शिविर में अनुभवी खिलाड़ी सोनाली शिंगाटे ने वैज्ञानिक ट्रेनिंग और रिकवरी को टीम के प्रदर्शन सुधार की मुख्य कुंजी बताया।
सोनाली शिंगाटे, जो 2025 कबड्डी वर्ल्ड कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा रही हैं और 2018 एशियन गेम्स में रजत पदक विजेता टीम में भी शामिल थीं, ने कहा कि इस बार स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर तरीके से प्रशिक्षण लेने और प्रदर्शन सुधारने में मदद मिल रही है।
करीब एक दशक का अनुभव रखने वाली शिंगाटे ने बताया कि 27 मार्च से चल रहे इस शिविर में वैज्ञानिक तरीकों से ट्रेनिंग दी जा रही है और रिकवरी पर समान ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “ट्रेनिंग कठिन है, लेकिन रिकवरी उतनी ही जरूरी है और इसका अच्छा प्रबंधन शरीर को तेजी से ढालने में मदद करता है।”
हाल ही में हैदराबाद में आयोजित 72वीं सीनियर महिला राष्ट्रीय कबड्डी चैंपियनशिप में इंडियन रेलवे की ओर से उपविजेता रहने के बाद शिंगाटे ने कहा कि उच्च स्तर पर प्रदर्शन के लिए ट्रेनिंग और रिकवरी का संतुलन अत्यंत महत्वपूर्ण है। पहले वर्कलोड मैनेजमेंट और रिकवरी पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता था, जिससे चोट का खतरा बढ़ जाता था, लेकिन अब वैज्ञानिक दृष्टिकोण से खिलाड़ियों की फिटनेस और प्रदर्शन दोनों में सुधार होगा।
यह शिविर 2 अप्रैल तक चलेगा और इसमें अनुभवी और युवा खिलाड़ियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। शिंगाटे ने कहा कि सीनियर और जूनियर खिलाड़ियों के साथ ट्रेनिंग से एक-दूसरे को प्रेरणा मिलती है और टीम का समग्र स्तर बेहतर होता है।












