यरुशलम, 16 अप्रैल
पश्चिम एशिया में कूटनीतिक प्रयासों के तेज होने के बावजूद दक्षिणी लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई गुरुवार को भी जारी रही। लगातार जारी हमलों के बीच क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और संघर्ष विराम को लेकर चल रही बातचीत में बाधाएं सामने आ रही हैं।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पहले लेबनान के प्रत्यक्ष वार्ता प्रस्तावों को खारिज कर दिया था, हालांकि बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव के बाद उन्होंने तनाव कम करने के संकेत दिए। इसके बावजूद जमीनी स्थिति में कोई खास बदलाव नजर नहीं आया।
दूसरी ओर हिज्बुल्लाह ने भी इजरायली ठिकानों पर रॉकेट हमले जारी रखे और लेबनानी सरकार पर आरोप लगाया कि वह हमले के बीच बातचीत के लिए सहमति देकर विरोधी देश को लाभ पहुंचा रही है। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने पूर्ण इजरायली वापसी की मांग करते हुए कहा कि स्थायी संघर्ष विराम और राज्य की सत्ता बहाली के लिए यह जरूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वार्ता प्रक्रिया देश की संप्रभुता के दायरे में ही होनी चाहिए।
हालिया कूटनीतिक पहल के तहत 14 अप्रैल को वॉशिंगटन में लेबनान और इजरायल के बीच तीन दशक से अधिक समय बाद प्रत्यक्ष बातचीत हुई थी। इस बैठक में हथियारों के मुद्दे, सीमा सुरक्षा और संबंधों के सामान्यीकरण जैसे विषयों पर चर्चा हुई, लेकिन इजरायल द्वारा तत्काल संघर्ष विराम से इनकार करने और हिज्बुल्लाह के विरोध के चलते प्रगति रुक गई।
इसी बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी कि यदि संघर्ष विराम प्रयास विफल होते हैं तो अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं देगा और उसे समझदारी से निर्णय लेने की सलाह दी।









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