जबलपुर, 23 अप्रैल
समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह द्वारा जारी निर्देशों के तहत जिले के विभिन्न गोदामों में रखे गेहूं की निकासी पर उपार्जन अवधि तक पूर्णतः रोक लगा दी गई है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को ऐसे गोदामों को आवश्यकतानुसार सील करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रशासन के अनुसार यह निर्णय पुराने स्टॉक के गेहूं को दोबारा उपार्जन केंद्रों में खपाने की आशंका को देखते हुए लिया गया है। आदेश जारी होते ही यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। अब किसी भी गोदाम से गेहूं बाहर निकालने के लिए अनुविभागीय राजस्व अधिकारी की लिखित स्वीकृति अनिवार्य होगी।
निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि गेहूं की निकासी के दौरान अधिकृत अधिकारी की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी, ताकि पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जा सके। साथ ही यह भी तय किया गया है कि किसी भी परिस्थिति में पुराने गेहूं को उपार्जन केंद्रों तक पहुंचने नहीं दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त गोदामों में कीट नियंत्रण संबंधी कार्य भी केवल सक्षम अधिकारी की अनुमति से ही किए जा सकेंगे। भंडारित अनाज की सुरक्षा और रख-रखाव की पूरी जिम्मेदारी संबंधित गोदाम या वेयरहाउस संचालकों की रहेगी। प्रशासन ने इस संबंध में सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं, जिससे खरीदी प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता न हो।











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