नई दिल्ली, 20 मई ।
दक्षिण कोरिया की यात्रा पर पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सियोल में भारतीय समुदाय के एक कार्यक्रम में कहा कि पिछले बारह वर्षों में हुए बदलावों ने देशवासियों में यह दृढ़ विश्वास पैदा किया है कि भारत को विकसित राष्ट्र बनने से दुनिया की कोई भी ताकत नहीं रोक सकती। उन्होंने कोरिया के उन वीर सैनिकों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान दिया।
सियोल में अपने दक्षिण कोरियाई समकक्ष के साथ हुई बैठक में रक्षा सहयोग को और अधिक मजबूत करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने पर सहमति जताई गई। इसी क्रम में दक्षिण कोरिया के रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन मंत्री के साथ हुई बैठक में संयुक्त विकास, संयुक्त उत्पादन और संयुक्त निर्यात के मार्ग खोलने पर सहमति बनी तथा दोनों देशों के रक्षा तंत्र को एकीकृत करने की रूपरेखा पर विचार हुआ।
इसके साथ ही सियोल में रक्षा मंत्री की एक अन्य बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा, रक्षा उद्योग और सामरिक सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की गई तथा साइबर रक्षा सहयोग और संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन से जुड़े समझौतों का आदान-प्रदान किया गया, जिससे द्विपक्षीय साझेदारी को और व्यापक स्वरूप मिला।
भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि पहले भारत अपनी आवश्यकताओं के लिए दूसरे देशों पर निर्भर था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है और देश न केवल रक्षा उपकरणों का निर्माण कर रहा है बल्कि उनका निर्यात भी कर रहा है, जो चालीस हजार करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंच चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और आर्थिक विकास का यह मॉडल लोगों के जीवन स्तर में सुधार ला रहा है।
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि बदलते भारत की दिशा स्पष्ट है और आने वाले समय में यह परिवर्तन देश को विकसित राष्ट्र की ओर ले जाएगा, जिसे कोई शक्ति रोक नहीं सकती।




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