कोलकाता, 05 मई।
पश्चिम बंगाल के भवानीपुर क्षेत्र में विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद स्थानीय लोगों और मूर्तिकार समुदाय में नई उम्मीद और राहत का माहौल देखने को मिला है। क्षेत्र के कारीगरों और निवासियों ने इस परिणाम को राज्य के लिए नई शुरुआत बताते हुए बेहतर भविष्य की अपेक्षा जताई है।
स्थानीय मूर्तिकारों ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उनका कार्य और आजीविका काफी प्रभावित हुई थी। कच्चे माल की उपलब्धता में बाधाएं, काम के अवसरों में असमानता और संस्थागत सहयोग की कमी जैसी समस्याओं के कारण उनका व्यवसाय लगातार कठिनाइयों से गुजर रहा था।
एक मूर्तिकार ने बताया कि वे कई पीढ़ियों से दुर्गा, काली और गणेश प्रतिमाओं का निर्माण कर रहे हैं, लेकिन उन्हें न तो पर्याप्त स्थान मिल पा रहा है और न ही गोदाम की सुविधा। आर्थिक सहायता भी आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाती, जिससे उन्हें मजबूरी में खुले स्थानों या फुटपाथ पर काम करना पड़ता है। अब उन्हें उम्मीद है कि नई व्यवस्था में उनकी समस्याओं का समाधान होगा।
एक अन्य स्थानीय निवासी ने कहा कि लंबे समय से क्षेत्र में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन अब लोग इसे बदलाव की नई शुरुआत मान रहे हैं। लोगों का मानना है कि जनता के बड़े समर्थन से नई राजनीतिक दिशा बनी है और अब पुरानी समस्याओं में सुधार की संभावना है।
महिलाओं ने भी सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर सकारात्मक उम्मीद जताई है। एक महिला ने कहा कि नई व्यवस्था से महिलाओं को अधिक सुरक्षा और सम्मान मिलने की संभावना है तथा भय और दबाव का माहौल समाप्त होगा।
स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि समय-समय पर सत्ता परिवर्तन से विकास की गति तेज होती है और इससे राज्य को नई दिशा मिलती है। उनका मानना है कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जो कार्य हो रहे हैं, उनका प्रभाव राज्य में भी विकास के रूप में दिखाई देगा।
हालांकि मूर्तिकार समुदाय अब भी बुनियादी समस्याओं जैसे भंडारण सुविधा, आर्थिक सहायता और नियमित कार्य उपलब्धता को लेकर चिंतित है। कारीगरों का कहना है कि उन्हें स्थायी समाधान की आवश्यकता है, ताकि उनका पारंपरिक व्यवसाय मजबूत हो सके।
भवानीपुर क्षेत्र में लोगों का स्पष्ट मत है कि इस चुनाव परिणाम से उन्हें नई उम्मीद मिली है और अब सभी की नजरें आने वाली नीतियों और उनके क्रियान्वयन पर टिकी हुई हैं।





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