नई दिल्ली, 5 मई।
भारत के दो पत्रकारों ने साइबर अपराध पर आधारित खोजी रिपोर्टिंग के लिए प्रतिष्ठित पुलित्जर पुरस्कार जीतकर देश का नाम वैश्विक मंच पर रोशन किया है। यह सम्मान ‘इलस्ट्रेटेड रिपोर्टिंग और कमेंट्री’ श्रेणी में प्रदान किया गया।
पत्रकार आनंद आरके और सुपना शर्मा को नैटली ओबिको पियर्सन के साथ संयुक्त रूप से यह पुरस्कार ब्लूमबर्ग के लिए तैयार की गई विस्तृत खोजी रिपोर्टिंग के लिए मिला है। उनकी रिपोर्ट में भारत में बढ़ते साइबर अपराध और डिजिटल धोखाधड़ी की गंभीर तस्वीर सामने रखी गई है।
इस श्रेणी में एक अन्य भारतीय पत्रकार देवज्योत घोषाल फाइनलिस्ट रहे, जिन्होंने दक्षिण-पूर्व एशिया में सक्रिय साइबर अपराध और मानव तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया। उनकी रिपोर्ट में यह सामने आया कि अपराधी कई देशों के लोगों को फंसाकर उन्हें अवैध गतिविधियों में शामिल कर रहे हैं।
इसी बीच हनोई स्थित पत्रकार अनिरुद्ध घोषाल ने ‘इंटरनेशनल रिपोर्टिंग’ श्रेणी में पुलित्जर पुरस्कार हासिल किया। उन्होंने अमेरिकी सीमा सुरक्षा द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे उन्नत निगरानी उपकरणों पर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिनका विकास विभिन्न देशों में हुआ बताया गया है।
ब्लूमबर्ग की यह रिपोर्ट लखनऊ की एक चिकित्सक की दर्दनाक कहानी पर आधारित है, जिन्हें साइबर अपराधियों ने खुद को अधिकारी बताकर कई दिनों तक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और उनके बैंक खातों से बड़ी राशि की ठगी कर ली।
पुलित्जर पुरस्कार की घोषणा में कहा गया कि इन रिपोर्टों ने डिजिटल धोखाधड़ी, निगरानी तकनीक और वैश्विक स्तर पर बढ़ते साइबर अपराध जैसे गंभीर मुद्दों को प्रभावी रूप से उजागर किया है।
यह पुरस्कार अमेरिका के कोलंबिया विश्वविद्यालय स्थित पत्रकारिता स्कूल द्वारा संचालित किया जाता है और इसे पत्रकारिता का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है।
आनंद आरके मुंबई के विजुअल आर्टिस्ट और इलस्ट्रेटर हैं, जिन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त किए हैं, जबकि सुपना शर्मा भारत में स्वतंत्र खोजी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं।





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