भोपाल, 5 मई।
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज होने वाली कैबिनेट बैठक में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने और राज्य को इस क्षेत्र में देश में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है।
बैठक का मुख्य फोकस दलहनी फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करना और किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर रहेगा। सरकार की योजना दलहन उत्पादन को व्यापक स्तर पर बढ़ाकर मध्य प्रदेश को देश में नंबर-1 राज्य बनाने की है।
प्रस्तावित योजनाओं के तहत दलहन उत्पादक किसानों के लिए बोनस व्यवस्था लागू किए जाने की तैयारी है। इसके अंतर्गत पहले चरण में मसूर और उड़द तथा दूसरे चरण में चना और तुअर की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसके लिए किसानों को बाजार मूल्य से अतिरिक्त बोनस देने का प्रस्ताव है।
इस पहल का उद्देश्य किसानों को दलहन की खेती के लिए अधिक आकर्षित करना और उत्पादन क्षमता में वृद्धि करना है, जिससे राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
इसके साथ ही प्रदेश में दलहन प्रसंस्करण को सशक्त बनाने के लिए पांच नई दाल मिलों की स्थापना का प्रस्ताव भी कैबिनेट में रखा जा सकता है। इससे किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
सरकार का लक्ष्य है कि उत्पादन, प्रोत्साहन और प्रसंस्करण की समन्वित रणनीति के माध्यम से मध्य प्रदेश को दलहन उत्पादन में देश का शीर्ष राज्य बनाया जाए।



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