पटना, 5 मई।
बिहार में बीते 24 घंटों के दौरान तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई, जिसमें 7 बच्चों सहित कुल 24 लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने आने वाले 48 से 72 घंटे को बेहद संवेदनशील बताते हुए अलर्ट जारी किया है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार सबसे अधिक मौतें गयाजी और पूर्वी-पश्चिमी चंपारण में दर्ज की गईं, जहां प्रत्येक जिले में 6-6 लोगों की जान गई है। इसके अलावा अन्य जिलों में भी जनहानि की घटनाएं सामने आई हैं।
सोमवार शाम अचानक मौसम ने विकराल रूप ले लिया और काले बादलों के साथ तेज हवाओं व बारिश ने कई इलाकों में तबाही मचा दी। आकाशीय बिजली और पेड़ों के गिरने से पूरे राज्य में 24 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
जिलावार स्थिति में पटना के बाढ़ क्षेत्र में पेड़ और दीवार गिरने से 2 लोगों की मौत हुई। पूर्वी चंपारण और गयाजी में 6-6 मौतें दर्ज की गईं। औरंगाबाद में वज्रपात से 3 लोगों की जान गई, जबकि रोहतास में 1 मौत हुई।
वैशाली के लालगंज में एक महिला और संदेश थाना क्षेत्र में एक युवक की मृत्यु हुई है। सीतामढ़ी में 2 महिलाओं की जान गई, वहीं नालंदा में पेड़ गिरने से 2 लोगों की मौत हो गई।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को तत्काल चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्देश दिया है।
मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। मंगलवार को 18 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और पटना सहित 10 जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है।
इससे पहले कई जिलों में अच्छी बारिश भी दर्ज की गई, जिसमें गया में 47 मिलीमीटर और पटना में 39 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। अन्य जिलों में भी मध्यम स्तर की बारिश दर्ज हुई है।



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