भोपाल, 5 मई।
मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है, जिससे भीषण गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली है। मंगलवार सुबह से ही धार, बड़वानी, झाबुआ और ग्वालियर सहित कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का सिलसिला शुरू हो गया।
भोपाल मौसम केंद्र ने आगामी 8 मई तक राज्य के 39 जिलों में आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है, खासकर जबलपुर, शहडोल, सिंगरौली और कटनी क्षेत्रों में अधिक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
मौसम के इस बदले मिजाज ने राहत के साथ-साथ कुछ परेशानियां भी खड़ी कर दी हैं। टीकमगढ़ के आनंदपुर भाटा गांव में आंधी के कारण गिरी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 6 गायों की मौत हो गई, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है और बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
झाबुआ में अचानक हुई बारिश ने गेहूं खरीदी केंद्रों की व्यवस्था की पोल खोल दी है। खुले में रखी किसानों की उपज भीगने के कगार पर पहुंच गई, जिससे किसान अपनी फसल बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
इंदौर और ग्वालियर में हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इंदौर में अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को लू से राहत मिली है। ग्वालियर में भी मौसम ठंडा हुआ है, हालांकि नमी के कारण उमस का असर बना हुआ है।
बड़वानी और धार के कुक्षी व टांडा क्षेत्रों में करीब 20 मिनट की तेज बारिश से तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं राजगढ़ और सरदारपुर में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश के कारण मौसम सुहावना हो गया है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइनें सक्रिय हैं, जिससे नमी बढ़ रही है और कई क्षेत्रों में आंधी, बारिश तथा ओलावृष्टि की स्थिति बनी हुई है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बारिश नियंत्रित रही तो यह आगामी फसलों के लिए लाभकारी हो सकती है, लेकिन तेज आंधी और ओलावृष्टि से किसानों को नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।



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