भोपाल, 5 मई।
मध्य प्रदेश में मई की शुरुआत से ही मौसम ने अप्रत्याशित करवट ले ली है, जहां तेज गर्मी की जगह आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर देखने को मिल रहा है। सोमवार को 15 से अधिक जिलों में मौसम ने कहर और राहत दोनों का मिश्रण दिखाया।
मौसम विभाग ने राज्य के 39 जिलों में अगले चार दिनों तक 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से जबलपुर, कटनी, सिंगरौली, सीधी, शहडोल और उमरिया में हवाओं की गति सबसे अधिक रहने की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, भिंड, मुरैना, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, रीवा, सतना सहित कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बनी रहने का अनुमान है।
इंदौर और उज्जैन संभाग के कुछ जिलों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने की संभावना है, हालांकि सिस्टम के प्रभाव से स्थानीय स्तर पर बदलाव की स्थिति से इनकार नहीं किया गया है।
मौसम के इस बदलाव के बीच कुछ जिलों में भीषण गर्मी का असर भी जारी है। रायसेन में लगातार दूसरे दिन तापमान 44 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि खरगोन, खंडवा, मंडला, बैतूल और अन्य जिलों में भी तापमान 40 डिग्री से ऊपर बना रहा।
वहीं दूसरी ओर खजुराहो प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां तापमान अपेक्षाकृत कम दर्ज किया गया। बड़े शहरों में भी तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जहां भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में गर्मी का असर बना रहा।
रीवा और आगर-मालवा में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी दर्ज की गई, जबकि कई अन्य जिलों में तेज आंधी और बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइनों के कारण यह स्थिति बनी हुई है, जिससे कहीं तेज हवाएं, कहीं बारिश और कहीं ओलावृष्टि का असर देखा जा रहा है।
आने वाले कुछ दिनों तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।



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