किंग्स्टन, 5 मई।
भारत और जमैका ने आपसी संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में सहमति जताई है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि विकास सहयोग दोनों देशों के संबंधों की मजबूत आधारशिला है और इसे नए अवसरों के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है।
किंग्स्टन में अपनी समकक्ष कामिना जे. स्मिथ के साथ हुई विस्तृत बैठक में द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार हुआ। इस दौरान सहयोग के नए रास्तों की पहचान भी की गई।
बैठक में डिजिटल बदलाव, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, खेल और डिजिटल भुगतान जैसे क्षेत्रों में हुए समझौतों को प्रभावी रूप से लागू करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि इनके परिणाम धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकें।
एस. जयशंकर ने बताया कि भारत समर्थित ग्रामीण आजीविका सुधार परियोजना सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है, जिससे किंग्स्टन क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है और हजारों लोग अप्रत्यक्ष रूप से इससे प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जमैका में कारीगरों के सशक्तिकरण के लिए एक विशेष केंद्र स्थापित करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा।
पिछले वर्ष आए चक्रवात के बाद भारत ने जमैका को राहत और पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की थी, जिसके तहत राहत सामग्री, चिकित्सा दल और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके साथ ही डायलिसिस इकाइयों सहित स्वास्थ्य संसाधनों को भी मजबूत किया जा रहा है।
दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और आधारभूत संरचना जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
विदेश मंत्री ने जमैका के प्रधानमंत्री एंड्रयू होलनेस से भी मुलाकात की, जिसमें वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई तथा बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनी।
समग्र रूप से दोनों देशों ने आपसी विश्वास और सहयोग को नई ऊंचाई देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।





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