लखनऊ, 04 मई
उत्तर प्रदेश में सोमवार सुबह अचानक तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया, जिससे कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए और यातायात बाधित हो गया, वहीं कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने से आसमान में अंधेरा छा गया।
राज्य में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है, जहां कभी तेज धूप तो कभी आंधी और बारिश लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रही है। सुबह के समय धूल भरी तेज आंधी चलने से मौसम में अचानक बड़ा बदलाव देखा गया और काले बादलों के साथ तेज हवाएं चलने लगीं।
राजधानी लखनऊ सहित अयोध्या, बाराबंकी, गोंडा, बलरामपुर, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई, उन्नाव और रायबरेली में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। सुबह के समय हुई बारिश का सबसे अधिक असर विद्यार्थियों और शिक्षकों पर पड़ा, जिससे स्कूलों में उपस्थिति सामान्य दिनों की तुलना में कम रही।
इस दौरान 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने कई जगह पेड़ों और बिजली के पोल को उखाड़ दिया। लखनऊ के जानकीपुरम सहित कई क्षेत्रों में पेड़ गिरने से सड़कों पर जाम की स्थिति बन गई।
गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बरेली में भी पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ, जबकि बदायूं में राष्ट्रीय राजमार्ग पर पेड़ गिरने से आवागमन पूरी तरह रुक गया। कई शहरों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई।
मौसम के इस बदलाव से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है, खासकर आम की फसल पर इसका असर देखने को मिला है। हालांकि तेज हवाओं और बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में राहत कार्य तेज करने और घायलों के उचित उपचार के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि आंधी और बारिश से हुए नुकसान का आकलन कर 24 घंटे के भीतर मुआवजा दिया जाए और राहत कार्यों में तेजी लाई जाए।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले पांच दिनों तक पूरे प्रदेश में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
इस दौरान 4 से 7 मई के बीच हवाओं की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, साथ ही कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि और वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है।
हालांकि मौसम में इस बदलाव से लोगों को फिलहाल भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने की संभावना जताई गई है।





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