सुपौल, 04 मई
भारत–नेपाल सीमा पर तैनात 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल की सीमा चौकी भीमनगर ने सतर्कता दिखाते हुए मानव तस्करी के एक संभावित प्रयास को विफल कर दिया। चेक पोस्ट पर जांच के दौरान कुल 8 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया तथा इस मामले में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
जानकारी के अनुसार भीमनगर चेक पोस्ट पर नियमित जांच के दौरान भारत से नेपाल की ओर जा रहे एक समूह को रोका गया। जांच में सामने आया कि संदिग्ध स्थिति में दो युवकों के साथ 8 नाबालिग बच्चे मौजूद थे।
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों द्वारा कोई वैध पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं किया जा सका और वे बार-बार अपने बयान बदलते रहे। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि बच्चों को उनके परिवार की जानकारी के बिना बहला-फुसलाकर बाल श्रम के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था।
बताया गया कि परिजनों को यह कहकर भ्रमित किया गया था कि बच्चों को यात्रा पर ले जाया जा रहा है। जांच में दोनों आरोपियों की पहचान नेपाल निवासी के रूप में हुई, जिनकी उम्र लगभग 32 और 38 वर्ष बताई गई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों आरोपी मिलकर बच्चों को नेपाल से भारत लाए थे और उनसे अवैध श्रम कराने के बाद उन्हें वापस नेपाल ले जाने की योजना में थे। समय रहते कार्रवाई कर सभी बच्चों को सुरक्षित कर लिया गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मानव तस्करी रोधी इकाई की मौजूदगी में विधिसम्मत कार्रवाई की गई और रेस्क्यू किए गए सभी 8 नाबालिग बच्चों को आगे की प्रक्रिया के लिए नेपाल पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।



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