भागलपुर, 05 मई।
यात्रियों की सुरक्षा और मानव तस्करी व शोषण पर रोक लगाने के उद्देश्य से पूर्व रेलवे के मालदा मंडल की रेलवे सुरक्षा बल ने बड़हरवा रेलवे स्टेशन पर ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ के तहत एक सफल अभियान चलाया। इस कार्रवाई में कुल दस नाबालिगों को सुरक्षित बचाया गया, जबकि दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
यह अभियान मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन तथा मंडल सुरक्षा आयुक्त आशिम कुमार कुल्लू के पर्यवेक्षण में संचालित किया गया। रेलवे सुरक्षा बल की इस कार्रवाई को संवेदनशील व्यक्तियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।
बड़हरवा रेलवे स्टेशन पर नियमित जांच के दौरान आरपीएफ कर्मियों ने विश्वसनीय सूचना के आधार पर प्लेटफॉर्म संख्या एक पर चार नाबालिग लड़कों के साथ दो संदिग्ध व्यक्तियों को देखा। पूछताछ में सामने आया कि इन बच्चों को बिना उचित अनुमति रोजगार का झांसा देकर राज्य से बाहर ले जाया जा रहा था। इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों नाबालिगों को सुरक्षित बरामद किया गया और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया।
प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला कि नाबालिगों को मजदूरी और रोजगार का झूठा प्रलोभन देकर बहलाया गया था। इसी दौरान एक अन्य मामले में बड़हरवा स्टेशन परिसर में छह नाबालिग बच्चे, जिनमें चार लड़के और दो लड़कियां शामिल थीं, बिना अभिभावक के संदिग्ध अवस्था में पाए गए।
पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे अपने परिवार को बिना सूचित किए घर से बाहर निकले थे और बाहर मजदूरी करने का प्रयास कर रहे थे। सभी बच्चों को सुरक्षित अभिरक्षा में लेकर आरपीएफ पोस्ट लाया गया, जहां उनकी काउंसलिंग और सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की गई।
बचाए गए सभी नाबालिगों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद संबंधित बाल कल्याण प्राधिकरण और पुनर्वास संस्थाओं को सौंप दिया गया, ताकि उनकी देखभाल और उचित परामर्श सुनिश्चित किया जा सके।



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