तेहरान, 5 मई।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को “धरती के नक्शे से मिटा देने” की धमकी देने के बाद दोनों देशों के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है।
ट्रंप ने एक इंटरव्यू के दौरान दावा किया कि यदि ईरान अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाता है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। यह बयान ऐसे समय आया है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ता जा रहा है।
इससे पहले ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान ने कुछ अमेरिकी जहाजों पर हमला किया है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते गुजर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अमेरिका ने एक विशेष अभियान भी शुरू किया है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान की कई तेज रफ्तार नौकाओं को निशाना बनाया है। उनका दावा है कि वैश्विक व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी।
वहीं, ईरान ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कड़ा पलटवार किया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के रुख को उकसावे वाला बताते हुए कहा कि अमेरिका को किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई से बचना चाहिए।
उन्होंने ट्रंप के बयान को “भ्रमपूर्ण” बताते हुए चेतावनी दी कि क्षेत्र में तनाव बढ़ाने से स्थिति और गंभीर हो सकती है। साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान ने अभी अपनी प्रतिक्रिया की पूरी शुरुआत भी नहीं की है।
ईरान ने अमेरिका को संयम बरतने और किसी भी प्रकार की टकराव की स्थिति से दूर रहने की सलाह दी है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव और न बढ़े।





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