पेरिस , 05 मई।
फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में मध्य प्रदेश की पारंपरिक हस्तशिल्प कला बाग प्रिंट ने अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करते हुए वैश्विक स्तर पर सराहना प्राप्त की है। यह उपलब्धि राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को विश्व मंच पर नई ऊंचाई देने वाली मानी जा रही है।
इस सफलता में हस्तशिल्प विकास से जुड़े अधिकारियों के दूरदर्शी प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिनके मार्गदर्शन में स्थानीय कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में सुदृढ़ योजना तैयार की गई है। इससे न केवल पारंपरिक कला को नया जीवन मिला है, बल्कि शिल्पकारों को आधुनिक तकनीकी और विपणन अवसर भी उपलब्ध हुए हैं।
इन प्रयासों के चलते बाग प्रिंट जैसी दुर्लभ और पारंपरिक कला का पुनरुद्धार हुआ है, जिससे मध्य प्रदेश के शिल्पकारों को वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त हुआ है।
प्रदर्शनी में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिल्पकार मोहम्मद बिलाल खत्री पेरिस में आयोजित प्रतिष्ठित मेले में बाग प्रिंट का जीवंत प्रदर्शन कर रहे हैं। भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय द्वारा चयनित इस प्रस्तुति में प्राकृतिक रंगों और लकड़ी के ठप्पों से बनी कलाकृतियां अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
मेले के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल के अधिकारियों ने भारतीय पवेलियन का अवलोकन कर शिल्पकार के कौशल की प्रशंसा की और स्वयं भी ब्लॉक प्रिंटिंग की प्रक्रिया का अनुभव प्राप्त किया। उन्होंने इस कला को भारतीय सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
यह अंतरराष्ट्रीय मेला 30 अप्रैल से 11 मई 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें मध्य प्रदेश की इस पारंपरिक कला ने वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।



.jpg)


.jpg)
.jpg)
.jpg)
