भोपाल, 5 मई।
अनूपपुर जिले के आदिवासी बहुल विकासखंड पुष्पराजगढ़ में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत नहरों के सुदृढ़ीकरण और विस्तार कार्य से कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने की उम्मीद है। इस योजना के माध्यम से झिलमिल जलाशय की नहर प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है।
लंबे समय से इस क्षेत्र के किसान वर्षा आधारित खेती या सीमित जल स्रोतों पर निर्भर थे, क्योंकि पुरानी और जर्जर नहर प्रणाली के कारण पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पाता था। इससे सिंचाई में लगातार बाधाएं उत्पन्न होती थीं।
अब इस अभियान के तहत झिलमिल जलाशय की मुख्य नहर और माइनर नहरों के निर्माण एवं सुधार का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। लगभग 19 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से यह परियोजना पूरी की जा रही है।
परियोजना के पूर्ण होने पर 5.04 एमसीएम क्षमता वाले जलाशय का पानी अंतिम छोर तक पहुंच सकेगा, जिससे सिंचाई व्यवस्था में स्थायी सुधार की उम्मीद है। इसके तहत लगभग 905 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ा जा रहा है।
करीब 11 किलोमीटर लंबा नहर नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, जिससे बीजापुरी, पीपाटोला, कछरा टोला और झिलमिल गांवों के लगभग एक हजार किसान परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे किसानों की आय में वृद्धि और आजीविका में स्थिरता आने की संभावना है।
जिले के कलेक्टर हर्षल पंचोली इस परियोजना की नियमित निगरानी कर रहे हैं और उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कार्य गुणवत्ता के साथ समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
स्थानीय किसानों में इस परियोजना को लेकर उत्साह है और उनका मानना है कि नहरों के सुधार से अब अंतिम खेत तक पानी पहुंचने की समस्या समाप्त हो जाएगी, जिससे वे दोनों मौसमों में बेहतर खेती कर सकेंगे।
यह योजना न केवल खेतों की सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।





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