भोपाल, 18 अप्रैल।
राज्य सरकार ने भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन को लेकर नई अधिसूचना जारी करते हुए इसके क्षेत्रीय विस्तार को औपचारिक रूप दे दिया है, जिसके तहत लगभग 12,098 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को शामिल किया गया है, जो करीब 13 हजार वर्ग किलोमीटर के बराबर है।
इस विस्तारित ढांचे में भोपाल के साथ रायसेन, विदिशा, सीहोर, राजगढ़ और नर्मदापुरम जिलों के कुल 2510 गांवों को जोड़ा गया है, जिससे भोपाल अब अपने पारंपरिक शहरी स्वरूप से आगे बढ़कर एक व्यापक महानगरीय क्षेत्र के रूप में विकसित होने की दिशा में अग्रसर है।
इस निर्णय के बाद राजधानी केवल एक जिले तक सीमित न रहकर आसपास के कई जिलों को जोड़ते हुए एकीकृत शहरी विकास मॉडल के रूप में सामने आएगी। यह विस्तार मध्य प्रदेश महानगर क्षेत्र योजना एवं विकास अधिनियम, 2025 के तहत किया गया है, जिसमें उन क्षेत्रों को शामिल किया गया है जहां शहरीकरण की संभावना अधिक है। कुल 2510 गांवों को एक साझा प्रशासनिक एवं नियोजन व्यवस्था में लाना राज्य का अब तक का सबसे बड़ा शहरी विस्तार माना जा रहा है।
इसमें भोपाल जिले के हुजूर, कोलार और बैरसिया तहसीलों के गांव, सीहोर के मंडीदीप और सीमावर्ती क्षेत्र, रायसेन के औबेदुल्लागंज व सांची क्षेत्र, विदिशा के सांची मार्ग से जुड़े गांव तथा राजगढ़ और नर्मदापुरम के राष्ट्रीय राजमार्ग एवं प्रस्तावित रिंग रोड से जुड़े गांव शामिल किए गए हैं।
इस पूरे विस्तार का उद्देश्य बढ़ती जनसंख्या, शहरी दबाव और अनियंत्रित विकास को नियंत्रित करते हुए एक एकीकृत मास्टर प्लान के माध्यम से संतुलित विकास सुनिश्चित करना है, जिससे परिवहन व्यवस्था जैसे मेट्रो रेल, बीआरटीएस और आउटर रिंग रोड का विस्तार संभव हो सकेगा।
साथ ही जल, बिजली और सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं का समन्वित विकास होगा और बाहरी क्षेत्रों में सैटेलाइट टाउनशिप विकसित किए जाएंगे। इस विशाल क्षेत्र के प्रबंधन के लिए मेट्रोपॉलिटन रीजनल प्लानिंग बोर्ड गठित किया जाएगा, हालांकि भूमि प्रबंधन और प्रशासनिक समन्वय जैसी चुनौतियां भी सामने आएंगी, लेकिन इसे दीर्घकाल में भोपाल को एक मजबूत आर्थिक और शहरी केंद्र के रूप में विकसित करने की महत्वपूर्ण दिशा माना जा रहा है।



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