भोपाल, 17 मार्च 2026।
केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा) महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश शासन के संयुक्त प्रयास से दिव्यांग बच्चों के पारिवारिक पुनर्वास और दत्तक ग्रहण को बढ़ावा देने हेतु मध्य क्षेत्रीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन आज भोपाल में किया जा रहा है। इस कार्यशाला की अध्यक्षता महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया करेंगी।
यह कार्यशाला सीएआरए के दत्तक ग्रहण जागरूकता अभियान 2025-26 की थीम “विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (दिव्यांग बच्चों) के गैर-संस्थागत पुनर्वास को बढ़ावा देना” के अनुरूप की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को संस्थागत देखभाल के बजाय पारिवारिक वातावरण, स्नेह, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है।
मध्य क्षेत्र में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड राज्य शामिल हैं। जिलों की संख्या के हिसाब से यह देश का सबसे बड़ा क्षेत्र है। कार्यशाला में 170 से अधिक जिलों के प्रतिनिधियों की भागीदारी अपेक्षित है।
कार्यशाला में राज्य दत्तक संसाधन एजेंसियों (एसएआरए), विशेष दत्तक ग्रहण अभिकरण, बाल देखभाल संस्थान, जिला बाल संरक्षण इकाइयां, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और बाल संरक्षण से जुड़े अन्य प्रमुख हितधारक भाग लेंगे।
इस दौरान विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के दत्तक ग्रहण की राज्यवार स्थिति, उत्कृष्ट प्रथाओं, सफल दत्तक ग्रहण के प्रेरणादायक अनुभव और साक्ष्य-आधारित हस्तक्षेपों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। समूह चर्चाओं के माध्यम से क्रियान्वयन योग्य और समयबद्ध अनुशंसाएँ भी तैयार की जाएंगी। चिकित्सा, विधिक, वित्तीय और शिकायत निवारण से जुड़े मुद्दों पर विशेषज्ञ विचार-विमर्श करेंगे।
कार्यक्रम के अवसर पर दिव्यांग बच्चों के सफल दत्तक ग्रहण पर आधारित एक लघु फिल्म का भी लांच होगा, जो परिवार आधारित देखभाल की परिवर्तनकारी शक्ति को रेखांकित करेगी।
परामर्श कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय सुदृढ़ करना, प्रणालीगत कमियों की पहचान करना और नीति स्तर पर ठोस सुझाव तैयार करना है, ताकि दिव्यांग बच्चों के दत्तक ग्रहण और पुनर्वास को अधिक प्रभावी, समावेशी और बाल-केंद्रित बनाया जा सके।












