17 मार्च 2026।
हिंदू पंचांग के अनुसार 18 मार्च बुधवार को दर्श अमावस्या का पावन दिन है, जिसे पितृ तर्पण और दान-पुण्य के लिए विशेष महत्व दिया गया है। इस दिन किए गए धार्मिक कर्मों का कई गुना फल मिलता है और पितरों का आशीर्वाद जीवन में सुख-समृद्धि और शांति लाता है।
पंडित एवं ज्योतिषाचारियों के अनुसार प्रत्येक अमावस्या का अपना विशेष धार्मिक महत्व है। इस अवसर पर पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध और जल अर्पित करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है। आचार्य बृजेशचंद्र दुबे ने बताया कि दर्श अमावस्या पितरों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का श्रेष्ठ अवसर है। विधिपूर्वक तर्पण करने से पितृ दोष दूर होता है और परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
पंडित राजेश चौबे ने बताया कि अमावस्या के दिन दान-पुण्य, स्नान और जप-तप करने से कई जन्मों के पापों का नाश होता है। विशेष रूप से जल, अन्न और वस्त्र का दान अत्यंत फलदायी माना गया है। नियमित रूप से तर्पण न कर पाने वाले लोगों के लिए दर्श अमावस्या श्रेष्ठ अवसर है। इस दिन की गई पूजा से पितर प्रसन्न होकर वंशजों को सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य का आशीर्वाद देते हैं।
पंडित भरत शास्त्री ने बताया कि 18 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:52 से 5:40 तक रहेगा, जो साधना और ध्यान के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। विजय मुहूर्त दोपहर 2:30 से 3:18 तक, गोधूलि मुहूर्त शाम 6:29 से 6:53 तक, अमृत काल रात 9:37 से 11:10 तक और निशीथ मुहूर्त रात 12:05 से 12:53 तक रहेगा। इस दिन अभिजीत मुहूर्त नहीं है। राहुकाल दोपहर 12:29 से 2:00 बजे तक, यमगंड सुबह 7:58 से 9:28 तक और गुलिक काल 10:59 से 12:29 तक प्रभावी रहेगा। दुर्मुहूर्त दोपहर 12:05 से 12:53 तक रहेगा। बुधवार होने के कारण पंचक का प्रभाव पूरे दिन बना रहेगा।
सूर्योदय सुबह 6:28 और सूर्यास्त शाम 6:31 बजे होगा। कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि सुबह 8:25 तक रहेगी, इसके बाद अमावस्या तिथि प्रारंभ होगी। पूर्व भाद्रपद नक्षत्र सुबह 5:21 तक रहेगा, जिसके बाद उत्तर भाद्रपद नक्षत्र प्रभावी होगा। शुभ योग सुबह 4:01 से शुरू होकर 19 मार्च तक रहेगा।
धार्मिक दृष्टि से यह दिन आत्मशुद्धि, पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और जीवन में संतुलन स्थापित करने का अवसर प्रदान करता है। श्रद्धा और नियम के साथ किए गए कर्म पितरों को शांति देते हैं, जिससे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग भी प्रशस्त होता है।


.jpg)









