हरिद्वार, 01 मई।
बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रवार को हरिद्वार में श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के अनुसार संध्याकालीन गंगा आरती तक 13 लाख 5 हजार श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान किया और पुण्य लाभ प्राप्त किया।
सुबह से ही हरकी पैड़ी, मालवीय द्वीप, सुभाष घाट, गौ घाट, और रोडीबेलवाला जैसे प्रमुख गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगने लगीं। 'हर-हर गंगे' और 'बुद्धं शरणं गच्छामि' के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो गया। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस दिन गंगा में स्नान और दान करने से पापों से मुक्ति मिलती है और घरों में सुख-समृद्धि आती है।
इस दिन को विशेष रूप से भगवान गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण के दिन के रूप में मनाया जाता है। भारत के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिरों में दर्शन किए और दान पुण्य करके मोक्ष की कामना की।
प्रशासन ने भारी भीड़ को देखते हुए सभी घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। सभी पुलिसकर्मी तैनात थे, और एसएसबी, लोकल इंटेलिजेंस, एटीएस, और क्यूआरटी टीमें भी सक्रिय थीं।
ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन ने 30 अप्रैल रात 12 बजे से हरिद्वार में भारी वाहनों की एंट्री बंद कर दी थी, जो स्नान पर्व की समाप्ति तक लागू रहेगी।








