वॉशिंगटन, 08 अप्रैल 2026।
अमेरिका ने दावा किया है कि ईरान में हालिया नेतृत्व परिवर्तन के बाद उसकी बातचीत की रणनीति में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला है। अमेरिकी प्रशासन के मुताबिक, हाल की सैन्य कार्रवाई के बाद तेहरान की नई नेतृत्व व्यवस्था पहले के मुकाबले अधिक दबाव में है, जिसके चलते उसे अपने रुख पर पुनर्विचार करना पड़ा है।
अमेरिका के वरिष्ठ रक्षा अधिकारी पीट हेगसेथ ने कहा कि वर्तमान हालात में ईरान के पास विकल्प सीमित रह गए हैं। उनका कहना है कि हालिया घटनाओं ने यह संकेत दिया है कि अमेरिकी सैन्य शक्ति को देखते हुए ईरान को अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ा है।
पेंटागन की ओर से दी गई जानकारी में यह भी बताया गया कि सैन्य अभियान के दौरान ईरान के कई वरिष्ठ अधिकारियों को नुकसान पहुंचा, जिससे नेतृत्व स्तर पर अस्थिरता की स्थिति बनी। इसी कारण ईरान ने युद्धविराम की दिशा में कदम बढ़ाए और बातचीत के लिए सहमति जताई।
अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इस परिवर्तन का असर ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी पड़ा है। उनके अनुसार नई परिस्थितियों में ईरान कुछ शर्तों को मानने के संकेत दे रहा है, जिनमें परमाणु गतिविधियों पर नियंत्रण और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को फिर से खोलना शामिल है।
हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य ईरान में सत्ता परिवर्तन करना नहीं था, बल्कि क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना था। इसके साथ ही ईरान के आंतरिक हालात और वहां की जनता की प्रतिक्रिया को लेकर अभी भी स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।













