लखनऊ, 08 अप्रैल 2026।
उत्तर प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान जेम पोर्टल के माध्यम से 22 हजार 337 करोड़ रुपये की सरकारी खरीद दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को जेम क्रय नीति और इस वित्तीय वर्ष में पोर्टल पर हुई खरीद की समीक्षा करते हुए इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस नीति को भारत सरकार द्वारा भी प्रशंसा मिली है।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश की जेम क्रय नीति को आदर्श मानते हुए अन्य राज्यों को भी इसे अपनाने की सलाह दी है। इस व्यवस्था के लागू होने से सरकारी खरीद में पारदर्शिता, शुचिता और समावेशिता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे प्रदेश को आर्थिक और सामाजिक लाभ मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने संतोष जताया कि जेम पोर्टल पर खरीद के मामले में उत्तर प्रदेश अग्रणी बना हुआ है। कुल खरीद में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों की हिस्सेदारी 43 प्रतिशत से बढ़कर 55 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिसमें राज्य आधारित इकाइयों का योगदान 82 प्रतिशत रहा है।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि रिवर्स ऑक्शन प्रणाली के माध्यम से नौ हजार 700 करोड़ रुपये से अधिक की बचत संभव हुई है। साथ ही महिला, अनुसूचित जाति-जनजाति और स्टार्टअप उद्यमियों के व्यवसाय में क्रमशः 44, 48 और 50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
इस पारदर्शी प्रक्रिया के चलते शासकीय खरीद में शिकायतों में 80 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है, जिससे प्रक्रिया अधिक तेज और प्रभावी बनी है। बेहतर प्रणाली के कारण प्रदेश के विक्रेताओं को कुल 42 हजार 648 करोड़ रुपये का व्यवसाय मिला, जिसमें 15 हजार 617 करोड़ रुपये का कार्य राज्य के भीतर से प्राप्त हुआ।
मुख्यमंत्री को जेम पोर्टल पर शीर्ष विभागों द्वारा की गई खरीद की जानकारी भी दी गई। उन्होंने निर्देश दिया कि अन्य विभाग भी इस प्रणाली को अनिवार्य रूप से अपनाएं। साथ ही क्रय प्रक्रिया को और व्यवस्थित बनाने के लिए जेम पोर्टल को कोषागार से जोड़ने और स्थायी क्रय समिति के गठन के निर्देश भी दिए गए।












