गुवाहाटी, 07 अप्रैल 2026।
असम में चुनावी माहौल के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित बयान को लेकर राजनीतिक विवाद गर्मा गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की उत्तर और दक्षिण असम इकाइयों ने खड़गे के खिलाफ गुवाहाटी और सिलचर के पुलिस थानों में शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत में कहा गया है कि दक्षिण असम के श्रीभूमि जिले के करीमगंज दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के नीलामबाजार में आयोजित चुनावी रैली में खड़गे ने धर्म और राजनीतिक संगठनों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की। आरएसएस ने आरोप लगाया कि खड़गे ने संगठन और भाजपा की विचारधारा की तुलना “ज़हरीले साँप” से की और कड़े शब्दों का प्रयोग किया।
शिकायत में यह भी दावा किया गया कि भाषण में उदाहरण के माध्यम से कहा गया कि किसी खतरे का सामना होने पर पहले उसे समाप्त करना चाहिए, जिसे आरएसएस ने संवेदनशील और उकसावे वाला बताया। संगठन ने कहा है कि ऐसे बयान सामाजिक सद्भाव और सांप्रदायिक संतुलन को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस की शिकायतों में यह भी कहा गया कि इस प्रकार के बयान राजनीतिक कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच तनाव और वैमनस्य को बढ़ा सकते हैं। एफआईआर में जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधानों के तहत आपत्तिजनक चुनावी आचरण का उल्लंघन होने की बात भी की गई है।
आरएसएस ने प्रशासन से मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। संगठन का मानना है कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है, लेकिन चुनावी मंचों पर ऐसी भाषा का इस्तेमाल सामाजिक सद्भाव को प्रभावित कर सकती है।
इस मामले पर अभी तक कांग्रेस पार्टी या मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। प्रशासन ने शिकायतों की प्राप्ति के बाद जांच प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी है।



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