नई दिल्ली, 08 अप्रैल।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) की 11वीं वर्षगांठ पर इसे युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार का महत्वपूर्ण साधन बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना लोगों को स्वरोजगार के नए अवसर देती रही है और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अहम योगदान कर रही है।
युवाओं को स्वरोजगार में मदद मिलीप्रधानमंत्री ने कहा कि 11 साल पहले शुरू हुई मुद्रा योजना ने देशभर के लाखों युवाओं को स्वरोजगार के अवसर दिए। इसके जरिए केवल व्यक्तिगत विकास ही नहीं हुआ, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक प्रगति को भी मजबूती मिली।
संस्कृत सुभाषित के जरिए शिक्षा का संदेशपीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक संस्कृत सुभाषित साझा किया, जिसमें बुद्धिमान व्यक्ति की विशेषताओं का वर्णन था:“आत्मज्ञानं समारम्भस्तितिक्षा धर्मनित्यता।यमर्था नापकर्षन्ति स वै पण्डित उच्यते॥”
उन्होंने समझाया कि सच्चा बुद्धिमान वही है जो अपने ज्ञान का सही इस्तेमाल करता है, विपरीत परिस्थितियों में धैर्य रखता है और सदैव नैतिकता का पालन करता है। ऐसे व्यक्ति को लोभ और गलत मार्ग प्रभावित नहीं कर सकते।
आत्मनिर्भर भारत को नई दिशाप्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि मुद्रा योजना ने उद्यमिता को प्रोत्साहित किया है और देश में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाया है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में यह योजना और अधिक लोगों को सशक्त बनाएगी और राष्ट्र की प्रगति को गति देगी।




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