भोपाल, 25 मई ।
मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग में करीब छह वर्ष के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर जनसुनवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिससे पीड़ित महिलाओं को न्याय की उम्मीद जगी है।
सोमवार को आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष रेखा यादव और सदस्य साधना स्थापक की संयुक्त बेंच ने घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद और उत्पीड़न से जुड़े मामलों पर सुनवाई की।
पहले दिन भोपाल जिले से संबंधित लगभग 40 प्रकरण आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए गए, जिनमें पीड़ित महिलाओं ने अपनी-अपनी शिकायतें विस्तार से रखीं।
सुनवाई के दौरान आयोग ने एक-एक कर मामलों की गंभीरता को समझते हुए संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
कई मामलों में जटिल पारिवारिक विवाद सामने आए, जिनमें संपत्ति, भरण-पोषण और पारिवारिक संबंधों से जुड़े गंभीर आरोप भी शामिल रहे।
एक मामले में आवेदिका ने बेटी से मिलने नहीं दिए जाने और उस पर दबाव बनाने के आरोप लगाए, जबकि दूसरे पक्ष पर झूठे मामलों और आर्थिक लेन-देन के गंभीर आरोप भी सामने आए।
एक अन्य प्रकरण में पहले से समझौता और संपत्ति हस्तांतरण के बावजूद अतिरिक्त आर्थिक सहायता की मांग का मामला भी आयोग के सामने आया।
आयोग ने सभी पक्षों की सुनवाई के बाद मामलों को नियमानुसार आगे बढ़ाने और त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आयोग की इस नई शुरुआत को लेकर महिलाओं में न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी है और मंगलवार को भी सुनवाई जारी रहने की बात कही गई है, जिसमें नए प्रकरण शामिल किए जाएंगे।






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