चेन्नई, 25 मई ।
तमिलनाडु की राजनीति में सोमवार को बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिला, जब अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के तीन विधायकों ने अपने पद से इस्तीफा देने के बाद तमिलागा वेत्त्री कझगम का दामन थाम लिया। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है और अन्नाद्रमुक के भीतर नए समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है।
मदुरांतकम से विधायक मरगतम कुमारवेल, पेरुंदुरई विधायक जयकुमार और धारापुरम विधायक सत्यभामा ने विधानसभा अध्यक्ष जे.सी.डी. प्रभाकर से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपा। इसके तुरंत बाद तीनों नेता चेन्नई सचिवालय पहुंचे और लोक निर्माण मंत्री आधव अर्जुन से मुलाकात कर औपचारिक रूप से टीवीके में शामिल हो गए। मंत्री ने शॉल पहनाकर उनका स्वागत किया और कुछ समय तक चर्चा भी की।
विधानसभा अध्यक्ष जे.सी.डी. प्रभाकर ने तीनों विधायकों के इस्तीफे स्वीकार किए जाने की पुष्टि की है। उनका कहना है कि किसी विधायक को इस्तीफा देने के लिए कारण बताना आवश्यक नहीं होता।
इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अन्नाद्रमुक पहले से ही अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी का सामना कर रही है, ऐसे में तीन विधायकों के इस्तीफे ने पार्टी की स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि अन्नाद्रमुक के कुछ अन्य नेता, जिनमें एस.पी. वेलुमणि और सी.वी. शनमुगम के गुट से जुड़े नाम शामिल हैं, पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी के साथ फिर से एकजुटता को लेकर बातचीत में जुटे हैं।
इन इस्तीफों के बाद अन्नाद्रमुक के विधायकों की संख्या घटकर 44 रह गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव आने वाले समय में राज्य की राजनीतिक रणनीति और दलगत समीकरणों पर असर डाल सकता है।




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