बहराइच, 23 मार्च।
मां सरयू नदी पुनरोद्धार समिति के नेतृत्व में बहराइच शहर की पौराणिक सरयू नदी के तटों की सफाई, घाटों के सौंदर्यीकरण और झिंगहाघाट का नाम बदलकर सरयू घाट करने की मांग तेज हो गई है। सोमवार को समिति ने झिंगहा घाट पर संकल्प सभा आयोजित की। समिति के संयोजक अधिवक्ता धनंजय सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया। मुख्य अतिथि स्वामी विष्णु देवाचार्य महाराज के नेतृत्व में उपस्थित लोगों और मातृशक्ति ने मां सरयू की आरती उतारकर नदी को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि इस पावन तट पर विभिन्न पर्वों और त्योहारों पर मेले लगते हैं, जहां लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
विगत वर्षों में सरयू नदी की नियमित सफाई और निर्बाध जल प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए कोई ठोस कार्य नहीं हुआ है। इससे नदी में जगह-जगह सिल्ट जमा हो गया और जल प्रवाह बाधित हो गया। नगर के नालों का दूषित पानी और नानपारा चीनी मिल से निकलने वाला वेस्टेज बिना सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के सीधे नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी पूरी तरह दूषित हो चुकी है। अधिकांश भाग सिल्ट और जलकुंभी से बंद हो गया है, जिससे नदी का बहाव रुक गया और यह नाले जैसी स्थिति में बदल गई है। जल प्रवाह न होने से पास की कृषि भूमि वर्षाकाल में जलमग्न हो जाती है, जिससे फसल की उपज प्रभावित होती है।
समिति ने ज्ञापन सौंपकर शासन और जिला प्रशासन से मांग की कि सरयू नदी के प्रमुख घाटों में झिंगहाघाट का नाम बदलकर सरयू घाट किया जाए। इसके साथ ही नदी में गिर रहे नालों के मुहाने पर जल शोधन यंत्र लगाए जाएं, नदी की सफाई और जल प्रवाह सुनिश्चित किया जाए, नदी से सिल्ट हटाया जाए, घाटों का निर्माण कराया जाए और संपूर्ण नदी की ड्रोन मैपिंग करवाई जाए।
इस अवसर पर समिति के अरविंद सिंह सेंगर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक अजय, धर्मेंद्र सिंह, अतुल गौड़, विपिन, अनिल वर्मा, रंजीता बाल्मीकि, आयुष जायसवाल, पिंटू मौर्या, सुनील केवट, कमलेश यादव, सौरभ जैन, सुनीता सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।











